Khortha love latter
.........Khortha love latter ........ मोर करेजा के टुकड़ा @Nill Mehra स्वीट हार्ट कोलेसरी, “लिख रहा हूँ खत खून से स्याही का मत समझना, बौराया हूँ सिर्फ तुमरे पियार में जमाने का मत समझना ।“ बहुते मुश्किल से ई लोकडोन में कलम आर कॉपी उठाये है तुमको लेटर लिखने के लिए। जिया धकधकाय रहा है, हथवा हड़बडाय रहा है, हैण्डराइटिंग ठीक से बैठ नहीं रहा है, पहली बार जो लिख रहे है न, तो तनी माफ़ कर देना गोल-गोल लिखाय नहीं रहा है, लेकिन हमर जज़्बात एकदम गोल-गोल आर ठोस हय गे कलेसरी। पहले तोर गाँवा...