Physic wala payar
ये फिजिक्स मुझे जीना सिखाती है, तुम्हारे जाने के बाद मुझे सही राह दिखाती है।। उथल पुथल सा जाने कैसा रोटेशन हुवा,, तुम्हारे जाने के बाद ना जाने मेरा किस डायरेक्शन में मेरा मोसन हुवा।। और अब ना तो तुम फोक्स मे आते हो, और नही तुम इश्क़ वाला फोर्स लगाते हो,, तुम्हारे आने से प्यार का करेंट मेरे दिल मे बहने लगा था, हम तेरी मेगनेटिक फील्ड में रहनें लगा था।। सरे सर्किट क्लोज हुवा था, पावर का वेल्यू हाई था,, पर क्या करें तेरे और मेरे बिच में रेजिस्टेंस तेरा भाई था। ब्रेक हो गये सरे सर्किट, स्केप वेलोसिटी से तुम चली गयी,, अब ना तो मेरा मोमेन्टम कनजर्व रहता है,और ना ही टोटल एनर्जी।। मैं चल कर तुम्हारे पास आ जाऊ,नही मेरे अन्दर इतनी काईनेटिक एनर्जी,, अब ख्वाईश है कि तुमसे कॉलिजन हो जाए, अन-स्टेबल हिं सही एक एक़ुअलिब्रियम हो जाय।। -निल्ल मेहरा