Two line qnots
मैं ज़हर तो पी लूँ ,शौक तेरी खातिर, मगर शर्त ये है कि, तुम सामने बैठ कर ढलती सासें गिनना। - Nill Mehra लफ़्ज़ों से कहाँ लिखी जाती है, ये बेचैनियां दीवानों की, मैंने तो हर बार तेरे दिल के पन्नो को पलेटा है। - Nill Mehra