हर मनोज के हिस्से में सरधा क्यों नहीं लिखी जाती ?
रिपोर्टिंग कर रहा है न इस लड़के की भी एक महिला मित्र थी। इसको छोड़कर वो क्यों चली गयी?? उसका ध्यान किसी को नही है.. सबका ध्यान एक सफल पुरुष की महिला मित्र की ओर है... वो कहता है कि बेटा! तेरा सिलेक्शन नही होगा तो ये तुझे भी छोड़कर चली जायेगी जैसे मेरी वाली चली गयी। और चली ही गयी थी.. पहचानने से इनकार कर दिया था कि घर पर क्यों आये हो?? जिसमें क्षमता है भविष्य है उसी को सब कोई चुनता है, किसी आई.ए.एस आई.पि.एस या IRS महिला अधिकारी को किसी चक्की वाले से प्यार नही होता.. प्यार होता है सम्भावना से... सुनहरे भविष्य से.. लेकिन बॉलीवुड के दर्शक निखट्ट __ हैं.. लड़कों को जैसे नैतिक बल मिल गया है कि अब ऐसी लड़की से मोहब्बत करेंगे जो उसके साथ तैयारी करे...उनकी गरीबी का मजाक न उड़ाए.. स्टडी मैटेरियल दे.. साथ मे मेहनत करेंगे। दुखः सुख में साथ खड़े रहेंगे। बाद में ऐसा कहकर सबको चौंका दे कि ये सिलेक्शन हमारी महिला मित्र की वजह से हुआ है.. फ़िल्म देखकर आधी जनता पागल हो चुकी है.. वहीं एक गौरी भैया का जीवन बर्बाद हुआ पड़ा है, भेंड बकरी की जिंदगी में एक शेर बन भी ग...