भाजपा एक पार्टी नही है! भाजपा एक देश है। जाने कैसे
एक समय हुआ करता था जब सबके लिए हिंदुस्तान एक देश था।
लेकिन 2014 से कुछ लोगों के लिए हिंदुस्तान मोदी बन गया।
भाजपा एक पार्टी नही है! भाजपा एक देश है कुछ लोगों के लिए।
इसलिए आप अगर भाजपा का विरोध करेंगे तो वो देश का विरोध हो जाएगा। अगर आप भाजपा के गलत कामों पर सवाल उठाएंगे तो वो देश पर सवाल उठाने के बराबर माना जाएगा।
सावधान रहिए! सतर्क रहिए! आपका सरकार के गलत कामों के विरोध में बोले गए एक बात,आपको देशद्रोही बना सकता है।
सेकुलरिज्म, देशद्रोही, वामपंथी के बाद एक नया सर्टिफिकेट बाजार में आया है, जिसका नाम librandu है। ये सारे सर्टिफिकेट आपको फ्री में मिल जाएगा, लेकिन इसके लिए आपको सरकार के एक गलत कामों का विरोध करना होगा! फिर ये सर्टिफिकेट आपके मुठ्ठी में है।
भारत लोकतांत्रिक देश है। यहाँ सभी का विचार अलग होते है, और होना भी चाहिए। मोदी प्रधानमंत्री है, जिसको जनता ने चुना है।
मोदी देश नही है, जिसका विरोध करने पर देशद्रोही हो जाएंगे।
अभी भी भारत बहुत पीछे है। विकासशील देश से अल्पविकसित देश बन गया। जीडीपी के बारे में कोई नही सोच रहा इसलिए जीडीपी खुद ऊपर आने के लिए संघर्ष कर रहे है।
भई यहाँ कोई भी पार्टी हमेशा के लिए सत्ता पे नही टिका है।
कल कांग्रेस तो आज बीजेपी और फिर कल कोई और।
एक समय कांग्रेस से मजबूत कोई पार्टी नही था। वैसे ही भाजपा आज मजबूत है कल नही होगा।
अच्छा होगा कि किसी पार्टी का चाटूकार बनना छोड़ देश के बारे में सोचों।
कट्टरपंथी विचारधारा त्याग दो, नही तो एक दिन तुम लुटे जाओगे और आह तक नही कर पाओगे।
ये जो बात बात पे देशद्रोही निकाल देते हो मुँह से, अमेरिका के बारे में सुने हो ना! कैसे ट्रम्प बंकर में छुप गया।
इसलिए अमेरिका आज इतना विकसित है। भारत के विकास में तुमलोग जैसे कट्टरपंथी लोग रोड़ा बने हुए हो।
पार्टियां जिंदाबाद, मुर्दाबाद होते रहेगी लेकिन भारत हमेशा के लिए जिंदाबाद है।
अभी खासकर तीन तरह के लोग है भारत मे।
1.कट्टर भाजपा समर्थक।
2.कट्टर भाजपा विरोधी।
3. जैसा काम वैसा नाम, मतलब जो काम करेगा उसका ही सपोर्ट करेंगे।
जहाँ मोदीजी अच्छा काम करेंगे वहाँ सब खड़े हुए है, और आगे भी होंगे यार।
हमें प्रोब्लम मोदीजी से नही है, हमें प्रोब्लम सत्ता पर बैठे उस आदमी से है जिंसने हमसे बहुत सारे वादे किए थे।
तुम देखना बीजेपी अगर सत्ता से हट जाएगा तो हमलोग उसका विरोध नही करेंगे। उसके बाद जो पार्टी सत्ता में आएगी हम उसके गलत कामों का विरोध करेंगे।
और विरोध करने का हक है हमें साहब।
हां कुछ ऐसे भी है जो मोदीजी के अच्छे कामों का भी विरोध कर देते है, वो गलत है।
जहाँ मोदीजी अच्छा काम करेंगे, वहाँ समस्त देशवासी उनके साथ रहेंगे, जैसे जनता कर्फ्यू के दिन थे।
पहले व्हाट्सएप पे एक मैसेज आता था, "ये मैसेज 5 लोगो को भेजिए आपको कल तक अच्छी न्यूज मिलेगी" ये सब मैसेज अभी कम दिखाई देने लगा! क्योंकि जो लोग ऐसे मैसेज बनाकर भेजते थे वैसे लोग अब नेहरू और गाँधी के के विशेष इतिहासकार बन गए है।
शास्त्र में इसको व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी कहते है।
सेक्युलर रहने में कोई बुराई नही है, ये आप सबलोग जानते होंगे! लेकिन सेक्युलर शब्द को गाली के रूप में उपयोग किया जाता है।
वामपंथी! लोकतंत्र है भई जो जिसको ठीक लगता है वो वैसा विचारधारा अपनाता है, वामपंथी को तुम देशद्रोही बोलते हो।
तुमको पता भी नही होगा कि भगत सिंह वामपंथी विचारधारा को मानते थे। भगतसिंह से बड़ा देशभक्त हो क्या तुम?
खैर! जिनलोगों के पास गोड्से और सावरकर जैसे देशभक्त हो उसे दूसरे को देशद्रोही नही कहना चाहिए।
नही नही! खराब लगता है सुनने में, शोभा नही देता।
Abhijeet Mehra
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