अरे रे मेरी जान है राधा/ Village love
अरे रे मेरी जान है राधा अरे रे मेरी जान है राधा , तेरे पे कुर्बान है राधा , रह ना सकुंगा तुमसे दूर मैं | ई गाना बचपन में जब बजता था न तो हम अप्पन प्यार के याद करके खूब नाचते थे | चिल्ला चिल्ला के एक दम धून में धून मिला के राधा राधा बोल के हम गाना खतम होते होते तक पूर्ण रूप से कृष्णा जी बन जाते थे, उस उमर में पता नहीं था की जौन राधा को याद करके हम रीपीट मोड पे गाना सुन रहे हैं ओकरा बियाह 16 साल टपते हीं ओकरा बाबू मईया दहेज़ के चलते 40 साल के बुढ़वा से कर देगा | जब भी बने तू राधा श्याम बनूंगा , जब भी बने तू सीता राम बनूंगा , तेरे बिना आधा सुबह शाम बनूंगा और आसमां से राधा राधा नाम कहूंगा ,,, इ लाइन में बहुत फीलिंग्स था | हमरी जिंदगी की राधा सामने हो चाहे ना हो पर साला आंख जब बंद करते थे तो दिखती सामने थी | गाना गाते गाते एतना मुस्कुराते थे जैसे ओकरा हमरा बियाह हो गया है | फिर गाना खतम होते हीं उ सपना अधूरा सा लगने लगता था | सब जगह मानो जैसे सन्नाटा पसरा हो | यूपी , बिहार , झारखंड के लोवर मिडिल क्लास वाला पैरेंट्स सब पैसा के पीछे खूब भागता है , काहेकी गरीबी के मार दू ...