डियर नीलगिरी
हम आद रहे न रहे कम से कम हमारा जन्म दिन तो आद था,प्रत्यक्ष रूप से न सही अप्रत्यक्ष से ही ठीक बर्थड़े विश करने के लिए धन्यवाद😊,जानतीं हो किसी विशेष दिन पर हमारे भीतर किसी कोने में तुम्हारी इन्जार हमेशा से रही है। कैसी हो? सायद इस प्रशन को प्रत्यक्ष रुप से पूछा जाना चाहिए, अगर कभी मिलना हुवा तो जरुर पूछना चाहूँगा। अब लिखना छोड़ चुका हूँ, फिर भी, कुछ सुंदर शब्द कभी डिक्शनरी में जगह नहीं बना पाते। कुछ सुंदर लोग किसी कहानी का हिस्सा नहीं हो पाते। कुछ बातें किसी जगह दर्ज नहीं हो पातीं। कुछ रास्ते मंज़िल नहीं हो पाते। उन सभी अधूरी चीजों, चिट्ठियों बातों, मुलाक़ातों, भावनाओं, विचारों, लोगों के नाम एक नया शब्द गढ़ रहा हूँ । जानती हो हर तारा सूरज होता है और हर सूरज एक तारा। कौन सूरज होगा और कौन तारा, यह धरती से उसकी दूरी तय करती है। जिस दिन कोई तारा अपनी धरती को खोज कर उसके क़रीब चला जाता है, वह उस धरती का सूरज बन जाता है। तुम वही तारा हो, जो असल में सूरज ही है। तुम्हें बस अपनी धरती के पास जाने की देर है ।" छोड़कर जाने वाले एक दिन आपको छोड़कर चला ही जाता है, ज्यादा से ज्यादा आप रातों को...