हम आप और न्यू ईयर 2023
बच्पन और तईस में केवल बाईस का अन्तर है,जहाँ ऊमर के ताईस होते हीं जिन्दगी काल्पनिक एक्स की तरह इमेजनरी लगने लगता है A फ़ॉर अप्प्ले बी फ़ॉर बॉल जींदगी का सबसे खुबसूरत समय था।। जहाँ A भी अपने और B भी अपने थे, अब तो A से Z तक के सारे लेटर मिलकर जॉन्दगी के पहेलियाँ सुलझाने में असमर्थ लगती हैं। बचपन तो आज भी जिन्दा है साहब बस जमाने के जिमेदारी और बदलती तारीख के अन्तराल में हमारे भीतर का बचपन रोज मरता चला जा रहा है। आज 1 जनवरी 2023 है, इस बदलती हुई तारीख ने अपने साथ हमारे जीवन के कई चीजों को बदला है, 2022 से 2023 तक के अन्तराल मे हमनें कुछ चीजो को खोने के साथ साथ कुछ पाया भी है। तारीख का बदलना हम स्ट्रगल करने वाले किसान माँ बाप के बेटे के लिए ठीक उस प्रक्टिस सेट की तरह है जहाँ 60 मिनट में 100 सवालों को सॉल्व करना हो और उसे कलर करने का कोई एक्स्ट्रा टाईम ना हो टाईम समाप्त होते हीं पेपर छिन लिया गया हो। दुनिया एक स्ट्रगल फेज वाले स्टूडेंट को चाहे कुछ भी कहे पर एक माँ बाप के लिए एक बेटे का बेरोजगा होना दूनियाँ में इससे बुरा कुछ हो ही नहीं सकता,घर की उम्मीदें और कन्धे की जिमेदारी...