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वर्ण व्यवस्था और हिन्दूस्तान

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  किसी ने पुछा है शूद्र पैदा क्यों हो गये, गांधी का हरीजन पैदा कैसे हो गये पैदा होने का कारन है दूनियाँ में वर्ग सदा से है लेकिन वर्ण हिन्दूस्तान की अपनी उपज है अमीर गरीब ये वर्ग हर जगह है लेकिन (स्वर्ण,क्षत्रिये,वश्य और शूद्र) जैसा  वर्ण दुनिया में कहीं नहीं है। वर्ग का मतलब है कोई आदमी गरीब है चाहे तो कल को अमीर भी हो सकत है अमीर आदमी एक समय के बाद गरीब भी हो सकता है, यह एक तरलता है समय के अनुकूल परिवर्तन हो सकता है।  हिन्दूस्तान ने बड़ी चालाकी का कम किया उसने गरीबी और अमीरी के बिच जो तरलता थी उसे खतम कर वर्ण को प्रतिस्थापित कर दिया वर्ण का अर्थ है ठोस हुवा वर्ग, जम गया वर्ग जिसमें बदलाहट नहीँ हो सकती, तू उपर नही जा सकता, ऊपर की Classes को इससे फायदा हुवा क्यों की नीचे की Classes की प्रतियोगिता खतम हो गया। हिन्दूस्तान ने एक तरकीब इजात की प्रतियोगिता खतम करने की करोड़ों शूद्रों से प्रतियोगिता खतम हो गयी अब उनके बेटे ब्राह्मणों से संघर्ष ना का कर सकेंगे ऋषि होने का, व्य्श्यों से संघर्ष ना  कर सकेंगे धनपति होने का अब उनके बेटे बहादूरों की तरह लड़ ना सकेंगे क्षत्रियों ...